ठाणे लोकल ट्रेन हादसा: भीड़ ने ली पांच ज़िंदगियां, रेलवे प्रशासन पर उठे सवाल

(प्रेस रिपोर्ट | ठाणे, महाराष्ट्र | 9 जून 2025)
महाराष्ट्र के ठाणे में सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। भीड़भाड़ से भरी लोकल ट्रेन से गिरकर पांच यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना मुंबई उपनगरीय रेलवे नेटवर्क के भीड़ भरे ठाणे-कुर्ला सेक्शन पर हुई।
🚨 हादसे का समय और स्थान
सुबह लगभग 8:30 बजे, जब ऑफिस जाने की भीड़ चरम पर थी, ठाणे से CST की ओर जा रही फास्ट लोकल ट्रेन में यह हादसा हुआ। चश्मदीदों के अनुसार, ट्रेन पहले से ही ठसाठस भरी हुई थी। कल्याण स्टेशन से चढ़े कुछ यात्री दरवाज़ों पर लटकते हुए यात्रा कर रहे थे।जब ट्रेन मुलुंड और विक्रोली के बीच तेज़ रफ़्तार में थी, तभी कुछ यात्री संतुलन खो बैठे और चलती ट्रेन से नीचे गिर गए। इसमें से चार यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक की अस्पताल में इलाज के दौरान जान चली गई।
👁️ चश्मदीदों का बयान
एक चश्मदीद यात्री, संदीप नाईक ने बताया,
“हम रोज़ इसी ट्रेन से जाते हैं, लेकिन आज तो भीड़ ने हद पार कर दी थी। लोगों को अंदर धकेलने की जगह तक नहीं थी। दरवाज़े पर लटक रहे लड़कों को देखा, अचानक ज़ोर की चीख सुनाई दी और लोग गिरते चले गए।”
🏥 घायलों का इलाज
घायलों को तुरंत ठाणे सिविल अस्पताल और राजावाड़ी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। कुछ की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
🚆 रेलवे प्रशासन की प्रतिक्रिया
मध्य रेलवे के प्रवक्ता ने हादसे पर दुख प्रकट करते हुए कहा:
“हम मामले की जांच कर रहे हैं। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी संभव कदम उठाए जाएंगे।”हालांकि, कई यात्रियों और स्थानीय नेताओं ने रेलवे प्रशासन की लचर व्यवस्था और ट्रेन की अपर्याप्त संख्या को इस हादसे के लिए ज़िम्मेदार ठहराया है।
📊 सवाल जो उठते हैं:
- क्या मुंबई की लोकल ट्रेनें अब जानलेवा बन गई हैं?
- भीड़ प्रबंधन के लिए रेलवे के पास कोई ठोस योजना क्यों नहीं?
- क्या CCTV और प्लेटफॉर्म सुरक्षा निगरानी पर्याप्त है?
📣 जनप्रतिनिधियों की मांग
ठाणे के विधायक प्रकाश जोशी ने हादसे पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा:
“हर दिन लाखों लोग इस नेटवर्क पर जान जोखिम में डालकर सफर करते हैं। अब केवल मुआवज़ा नहीं, व्यवस्था में बदलाव चाहिए।”
💵 मुआवज़ा
सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। घायलों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा और ₹50,000 की आर्थिक मदद दी जाएगी।
निष्कर्ष:
यह हादसा एक बार फिर मुंबई की लोकल ट्रेनों में यात्रा की असुरक्षा को उजागर करता है। जरूरत है कि यात्री सुविधाओं को लेकर न केवल वादे, बल्कि मौजूद ढांचे में ठोस सुधार किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।













