बरगवां पुलिस पर गंभीर सवाल: ग्रामीणों की मेहनत पर फिरा पानी, पकड़े गए लूट आरोपी रिहा?

बरगवां थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। 6 अप्रैल को सरपतहा चिंगीटोला बंधा के समीप की घटना? राहगीरों से लूटपाट कर रहे बैगा समाज के दो संदिग्धों को करीब 50 ग्रामीणों की सतर्कता और मेहनत से पकड़ लिया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद डायल 112 पुलिस करीब 2 घंटे देरी से मौके पर पहुंची। इस दौरान ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभालते हुए आरोपियों को पकड़े रखा।
सबसे बड़ा सवाल तब खड़ा हुआ जब ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए आरोपियों को पुलिस के हवाले करने के बाद कथित तौर पर रातों-रात रिहा कर दिया गया। इससे ग्रामीणों में आक्रोश और अविश्वास का माहौल बन गया है। लोगों का कहना है कि जब पुलिस समय पर नहीं पहुंचती और ग्रामीण खुद जोखिम उठाकर अपराधियों को पकड़ते हैं, फिर भी यदि कार्रवाई नहीं होती, तो कानून व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
सूत्रों के मुताबिक, मामले में ASI अरुण पटेल द्वारा मौखिक जांच की गई, लेकिन आरोपियों को छोड़ने के पीछे क्या कारण रहा, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यदि ऐसी घटनाओं में पुलिस सख्त कार्रवाई नहीं करती, तो अपराधियों के हौसले बुलंद होंगे और भविष्य में लूट, चोरी जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं।
सीधा सवाल थाना प्रभारी से
जब ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर आरोपियों को पकड़ा, तो उन्हें रिहा क्यों किया गया?
क्या आरोपियों पर कोई वैधानिक कार्रवाई की गई या नहीं?
पुलिस की देरी से पहुंचने की जिम्मेदारी तय होगी या नहीं?
क्या इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई ?
ग्राम समद टोला के कुछ निवासी जाकर क्रम बद्ध टीम के अनसार राहगीको चोरों को पकड़ा












