
कसर, विशेष संवाददाता
कसर चौराहे पर स्थित बीके अंडा रोल सेंटर समेत कई दुकानों में अंडे और रोल की बिक्री की आड़ में खुलेआम अवैध शराब बेची जा रही है। क्षेत्रवासियों और सूत्रों के अनुसार, ये दुकानें महज खानापूर्ति के लिए अंडा-रोल बेचती हैं, असल कारोबार शराब का धंधा है — और वह भी स्थानीय प्रशासन की जानकारी में।
प्रशासनिक मिलीभगत के आरोप
सूत्रों का दावा है कि शराब बेचने वाले दुकानदारों द्वारा थाने में हर महीने एक तयशुदा राशि पहुँचाई जाती है, जिससे इनकी गतिविधियों पर कोई अंकुश नहीं लगता। मोहान नगर प्रशासन, जिसकी निगरानी क्षेत्र में होनी चाहिए, इन गतिविधियों से अनभिज्ञ बनने का नाटक कर रहा है।
बरगवा थाना के पास चल रही अवैध भट्टी
जानकारी के अनुसार, बरगवा थाना से महज 1 किलोमीटर की दूरी पर एक अवैध शराब की भट्टी संचालित हो रही है। भट्टी का मालिक अपनी बोलेरो गाड़ी से दिन में दो बार शराब दुकानों तक पहुँचाता है। इन दुकानों पर नियत मात्रा में शराब वितरित की जाती है — यह सारा खेल नियमित, संगठित और खुलेआम चल रहा है।
कसर में 10–15 अंडा-रोल दुकानों पर होती है शराब की आपूर्ति बीके अंडा रोल सेंटर के अलावा, कसर चौराहे पर 10 से 15 दुकानों पर भी अवैध शराब की बिक्री का कारोबार जोरों पर है। कई बार ये दुकानें रात के अंधेरे में युवाओं और बाहरी लोगों की भीड़ का केंद्र बन जाती हैं, जिससे अपराध और असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।
स्थानीय लोग डरे और नाराज़
स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन को कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कई लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि “शराबियों की भीड़, गालियाँ और लड़ाई-झगड़ा आम हो गया है। महिलाओं और बच्चों को इन दुकानों के पास से गुजरना मुश्किल होता जा रहा है।”
प्रशासनिक मौन पर उठते सवाल
अब सवाल यह है कि:
- आखिर प्रशासन कब जागेगा?
- यह लचर व्यवस्था और प्रशासनिक संरक्षण का परिणाम नहीं?
- क्या बरगवा थाना के ठीक पास अवैध भट्टी का चलना संयोग है?
-यदि प्रशासन ने जल्द सख्ती नहीं दिखाई, तो यह स्थानीय शांति व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से इस मामले में सीधी कार्रवाई की मांग की है।













