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पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन पर शोक की लहर, पीएम मोदी ने जताई संवेदना

झारखंड के कद्दावर आदिवासी नेता और तीन बार के मुख्यमंत्री रह चुके शिबू सोरेन का शनिवार देर रात रांची स्थित उनके आवास पर लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

रांची | 4 अगस्त 2025

झारखंड के कद्दावर आदिवासी नेता और तीन बार के मुख्यमंत्री रह चुके शिबू सोरेन का शनिवार देर रात रांची स्थित उनके आवास पर लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

शिबू सोरेन, जिन्हें सम्मानपूर्वक ‘गुरुजी’ के नाम से जाना जाता था, झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक थे। उन्होंने आदिवासियों के अधिकारों और झारखंड की पृथक पहचान के लिए दशकों तक संघर्ष किया। वे झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक और मार्गदर्शक रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर शोक जताया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया और ट्वीट कर कहा:

“श्री शिबू सोरेन जी एक समर्पित जननेता थे जिन्होंने आदिवासी समाज और झारखंड राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन से एक युग का अंत हुआ है। मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और समर्थकों के साथ हैं। ओम शांति।”

राष्ट्रपति, राज्यपाल और विपक्ष के नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलि

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, झारखंड के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (शिबू सोरेन के पुत्र) सहित कई केंद्रीय मंत्रियों और विपक्षी नेताओं ने भी शोक व्यक्त किया है।

अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ

परिवार के अनुसार, शिबू सोरेन का अंतिम संस्कार सोमवार को उनके पैतृक गांव धनबाद जिले के नेमरा में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। देशभर से नेता और समर्थक अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

शिबू सोरेन का संक्षिप्त राजनीतिक जीवन

  • जन्म: 11 जनवरी 1944, नेमरा (झारखंड)
  • राजनीतिक दल: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM)
  • मुख्यमंत्री कार्यकाल: तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री
  • केंद्रीय मंत्री: कोयला मंत्री, जनजातीय मामलों के मंत्री (UPA सरकार)

झारखंड में राजकीय शोक घोषित

झारखंड सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान सभी सरकारी कार्यालयों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई भी सरकारी समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा।

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