“राजीव गांधी जलग्रहण मिशन” की साधारण सभा सम्पन्न — जल संरक्षण पर बनी पुस्तिका का हुआ विमोचन
आज वल्लभ भवन, मंत्रालय भोपाल में ‘राजीव गांधी जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन’ की साधारण सभा की बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने की। बैठक में जल संरक्षण, तालाबों के पुनरुद्धार और वर्षा जल संचयन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।

📍 भोपाल, वल्लभ भवन | 8 जुलाई 2025 | संवाददाता विशेष
आज वल्लभ भवन, मंत्रालय भोपाल में ‘राजीव गांधी जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन’ की साधारण सभा की बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने की। बैठक में जल संरक्षण, तालाबों के पुनरुद्धार और वर्षा जल संचयन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।
📌 मुख्य बिंदु:
- 🔹 बैठक का केंद्रबिंदु रहा — “चंदेल-बुंदेल कालीन तालाबों के पुनरुद्धार एवं जल संरक्षण”, जिस पर 4 फरवरी 2025 को ओरछा में आयोजित कार्यशाला की अनुशंसाओं पर आधारित एक विशेष पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।
- 🔹 इस पुस्तिका में ऐतिहासिक परंपरा से जुड़े तालाबों के संरक्षण के पारंपरिक एवं तकनीकी मॉडल प्रस्तुत किए गए हैं। यह जल स्रोतों की सतत उपयोगिता और संरक्षण की दिशा में एक दस्तावेजी प्रयास माना जा रहा है।
🗣️ मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा:
“जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, यह समाज की भी साझी जिम्मेदारी है। बुंदेलखंड क्षेत्र में जल की चुनौती को हल करने के लिए हमें पारंपरिक ज्ञान के साथ आधुनिक तकनीक को जोड़ने की जरूरत है।”
💬 बैठक में हुए प्रमुख निर्णय:
- राज्य के जलग्रहण क्षेत्रों की मैपिंग और पुनरुद्धार परियोजनाओं को गति देने का निर्णय।
- ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय तालाबों की डी-सिल्टिंग और सौंदर्यीकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
- सार्वजनिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने के लिए जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
📚 विमोचित पुस्तिका का महत्व:
यह पुस्तिका ऐतिहासिक रूप से प्रसिद्ध चंदेल-बुंदेल युग के तालाबों की वास्तुकला, संरचना और जल प्रबंधन के तरीकों पर आधारित है। इसके माध्यम से प्रशासन यह समझाना चाहता है कि कैसे सदियों पहले भी जल प्रबंधन की गहरी समझ थी और उन पुराने मॉडलों को आज के संदर्भ में पुनर्जीवित किया जा सकता है।
🧭 निष्कर्ष:
बैठक ने स्पष्ट कर दिया कि जल संरक्षण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल के नेतृत्व में मिशन अब जनसहभागिता और विज्ञान आधारित संरक्षण मॉडल की ओर बढ़ रहा है।जल है, तो कल है — और इस संकल्प को मूर्त रूप देने की दिशा में यह सभा एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई।













