मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगरौली के सरई में ‘सशक्त नारी एवं आदिवासी गौरव सम्मेलन’ में किया 503 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने कहा: “यह सम्मेलन हमें महिलाओं और आदिवासियों की वास्तविक क्षमता को पहचानने और उन्हें सशक्त करने का मंच प्रदान करता है। सिंगरौली सहित पूरे प्रदेश में विकास के समान अवसर सुनिश्चित करने की हमारी प्रतिबद्धता दृढ़ है।”

📍 सिंगरौली/सरई | 4 जुलाई 2025 | संवाददाता विशेषमध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज सिंगरौली जिले के सरई (देवसर) में आयोजित ‘सशक्त नारी एवं आदिवासी गौरव सम्मेलन’ में भाग लेकर ₹503 करोड़ के 54 प्रमुख विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इस मौके पर उन्होंने महिला सशक्तिकरण और जनजातीय गौरव पर जोर देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार इन वर्गों के उत्थान पर विशेष ध्यान दे रही है ।
🔹 मुख्य अंश:
- सम्मेलन में मुख्यमन्त्री ने महिलाओं व आदिवासियों के साथ संबोधन किया, उनके उद्दीपन व प्रोत्साहन की बात कही।
- उन्होंने जिला स्तर पर महिला और आदिवासी विकास के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा की।
- सम्मेलन समाप्ति के उपरांत मुख्यमंत्री ने ₹503 करोड़ की राशि से चल रहे 54 पथनिर्माण, अस्पताल, शैक्षणिक भवन और अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण किया।
🏥 अन्य कार्य योजनाएँ:
- सरई क्षेत्र में एक अस्पताल का भूमिपूजन भी किया गया, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करना बताया गया ।
- मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मेधा विजेता छात्रों को लैपटॉप खरीदने में मदद हेतु ₹25,000 की सहायता राशि भी दी जाएगी ।
- अटेच किये गए अमरकंटक-राम सेतु ब्रिज का वर्चुअल उद्घाटन भी इसी अवसर पर किया गया।
🗣️ मुख्यमंत्री ने कहा:
“यह सम्मेलन हमें महिलाओं और आदिवासियों की वास्तविक क्षमता को पहचानने और उन्हें सशक्त करने का मंच प्रदान करता है। सिंगरौली सहित पूरे प्रदेश में विकास के समान अवसर सुनिश्चित करने की हमारी प्रतिबद्धता दृढ़ है।”
🔒 सुरक्षा और व्यवस्था:
मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए ड्रोन सर्विलांस, ट्रैफिक कंट्रोल, लोकल पुलिस तैनाती और स्वास्थ्य सेवाओं की विशेष व्यवस्था की गई, जिससे सभा स्थल व आसपास का इलाका व्यवस्थित रहा।
🧭 निष्कर्ष:
सशक्त नारी एवं आदिवासी गौरव सम्मेलन सिंगरौली जिले के समाजिक समावेश और स्थानीय हित की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। 500 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं के लोकार्पण और भूमिपूजन से जनहित और विकास में गति आने की उम्मीद है।













