उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में खर्च होगी 60% राशि — पीएम खनन क्षेत्र कल्याण योजना की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

सिंगरौली। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को प्रधानमंत्री खनन क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राज्यमंत्री राधा सिंह ने की, वहीं मुख्य अतिथि के रूप में सीधी-सिंगरौली सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह, देवसर विधायक राजेन्द्र मेश्राम, सिहावल विधायक विश्वामित्र पाठक, धौहनी विधायक कुवर सिंह टेकाम, महापौर रानी अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष सोनम सिंह और नगर निगम अध्यक्ष देवेश पाण्डेय उपस्थित रहे। बैठक में कलेक्टर चन्द्रशेखर शुक्ला और जिला पंचायत सीईओ गजेन्द्र सिंह नागेश सहित खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक की शुरुआत में कलेक्टर ने सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का स्वागत करते हुए योजना की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि पीएम खनन क्षेत्र कल्याण योजना का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में निवासरत लोगों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना, खनन के दुष्परिणामों का निराकरण करना तथा स्थानीय लोगों को आजीविका से जोड़ना है। इसके अंतर्गत आगामी 5 वर्षों की कार्य योजना तैयार की जा रही है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि योजना के अंतर्गत विकास कार्यों को दो भागों में विभाजित किया गया है —
- उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में कुल राशि का 60% तक खर्च किया जाएगा,
- जबकि अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में 40% तक की राशि का प्रावधान होगा।
पर्यावरण, स्वास्थ्य, महिला-बाल कल्याण को मिली प्राथमिकता
कलेक्टर शुक्ला ने बताया कि उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाएं शामिल की गई हैं। वहीं अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में भौतिक संरचना विकास, ऊर्जा, वाटरशेड कार्यक्रम और पर्यावरण सुधार जैसे विषयों को शामिल किया गया है। सभी जनप्रतिनिधियों से सुझाव आमंत्रित किए गए।
सड़क दुर्घटनाएं बनीं चिंता का विषय
बैठक में राज्यमंत्री राधा सिंह और सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने खनन और औद्योगिक परिवहन से हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। सांसद ने सुझाव दिया कि भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से संचालन के लिए निर्देशित किया जाए, ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस संबंध में औद्योगिक कंपनियों और बड़े ट्रांसपोर्टरों को दिशा-निर्देश जारी करने की बात कही गई।
बेहतर सुझावों पर बनी सहमति
बैठक में उपस्थित विधायकों ने आवारा पशुओं के विचरण, ग्रामीण क्षेत्रों में आवास, शिक्षा, और स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर सुझाव दिए। कलेक्टर ने सभी सुझावों को गंभीरता से लेकर कार्ययोजना में सम्मिलित करने का आश्वासन दिया।
निष्कर्ष
बैठक में तय किया गया कि खनिज न्यास निधि का समुचित उपयोग कर जनकल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता से लागू किया जाएगा। विशेष रूप से पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को तत्काल प्रभाव से क्रियान्वित किया जाएगा।
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