दांदरपुर में जातीय उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला: ब्राह्मण समुदाय पर कथावाचक और सहयोगी का सिर मुंडवाने का आरोप, 4 गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के दांदरपुर गांव से एक चौंकाने वाली और निंदनीय घटना सामने आई है। कथित तौर पर ब्राह्मण समुदाय के कुछ लोगों ने यादव समुदाय से आने वाले एक कथावाचक और उसके सहयोगी का सिर मुंडवाया और उन्हें अमानवीय यातनाएं दीं। पीड़ितों का आरोप है कि जाति छिपाने के आरोप में उन्हें बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया, यहां तक कि मानव मूत्र तक छिड़का गया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

📍 इटावा | विशेष संवाददाता
उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के दांदरपुर गांव से एक चौंकाने वाली और निंदनीय घटना सामने आई है। कथित तौर पर ब्राह्मण समुदाय के कुछ लोगों ने यादव समुदाय से आने वाले एक कथावाचक और उसके सहयोगी का सिर मुंडवाया और उन्हें अमानवीय यातनाएं दीं। पीड़ितों का आरोप है कि जाति छिपाने के आरोप में उन्हें बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया, यहां तक कि मानव मूत्र तक छिड़का गया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
📌 घटना का विवरण
इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र के दांदरपुर गांव में यह घटना रविवार रात को घटित हुई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि पीड़ित कथावाचक की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई है। पीड़ित कथावाचक मुकुट मणि का सहायक बताया जा रहा है, जिसने बताया कि उसे और उसके सहयोगी को कथावाचन के लिए बुलाया गया था, लेकिन जब उनकी जाति पूछी गई और पता चला कि वे यादव समुदाय से हैं, तो उन्हें बंधक बनाकर सिर मुंडवा दिया गया।
🎙️ पीड़ित का बयान: “पूरी रात प्रताड़ित किया गया”
पीड़ित ने मीडिया से बात करते हुए कहा:
“सरकारी आदेश से मेरा निजी स्कूल बंद हो गया था, इसलिए मैंने भागवत कथा करना शुरू किया। मुझे 21 जून को कथा के लिए बुलाया गया था, लेकिन वहां मुझे जाति के आधार पर अपमानित किया गया। मेरी चोटी काटी गई, सिर मुंडवाया गया और रातभर प्रताड़ित किया गया।”
उसने यह भी बताया कि उसके साथ मारपीट की गई, हारमोनियम तोड़ा गया, और महिलाओं के पैर जबरन छूने को मजबूर किया गया।
📽️ वीडियो वायरल, पुलिस हरकत में
सोशल मीडिया पर इस अमानवीय घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पीड़ितों के साथ हुई बर्बरता को साफ देखा जा सकता है। इस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया और अपर पुलिस अधीक्षक को जांच सौंपी गई है।पुलिस का कहना है कि घटना की हर पहलू से जांच की जा रही है, साथ ही अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। आरोपियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट, धार्मिक और सामाजिक अपमान से संबंधित धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
🗣️ अखिलेश यादव की तीखी प्रतिक्रिया
घटना के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार और प्रशासन की कड़ी आलोचना की। उन्होंने चेतावनी दी:
“यदि तीन दिनों के भीतर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो ‘पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) के मान-सम्मान की रक्षा’ के लिए बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।”
सपा का प्रतिनिधिमंडल पीड़ितों से मिला और एसएसपी से मिलकर न्याय की मांग की
📌 पुलिस की कार्रवाई
- चार आरोपी गिरफ्तार
- अपर पुलिस अधीक्षक को जांच सौंपी गई
- पीड़ितों की सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम
- सोशल मीडिया वीडियो की फोरेंसिक जांच की तैयारी













