सिंगरौली से बड़ी खबर जयंत चौकी के पीछे नाबालिक से गांजा बिकवाने का आरोप, नशामुक्ति अभियान पर सवाल
सिंगरौली जिले के जयंत चौकी क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस के नशामुक्ति अभियान की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि जयंत चौकी के ठीक पीछे लंबे समय से अवैध गांजा बिक्री का कारोबार संचालित हो रहा है, जिसमें एक नाबालिक बच्चे का इस्तेमाल किया जा रहा है।

सिंगरौली | जयंत चौकी क्षेत्र
सिंगरौली जिले के जयंत चौकी क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस के नशामुक्ति अभियान की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि जयंत चौकी के ठीक पीछे लंबे समय से अवैध गांजा बिक्री का कारोबार संचालित हो रहा है, जिसमें एक नाबालिक बच्चे का इस्तेमाल किया जा रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इलाके में “भौजी” नाम से चर्चित एक महिला द्वारा इस अवैध कारोबार को संचालित किया जा रहा है। आरोप है कि नाबालिक बच्चा ग्राहकों तक गांजा पहुंचाने का काम करता है, जबकि महिला खुद पर्दे के पीछे रहकर पूरे नेटवर्क को नियंत्रित करती है।
यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला NDPS एक्ट के तहत गंभीर अपराध होने के साथ-साथ नाबालिक को अपराध में धकेलने जैसा संगीन मामला भी बनता है।
महीनों से चल रहा अवैध कारोबार?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह गतिविधि कोई नई नहीं है, बल्कि कई महीनों से लगातार चल रही है। क्षेत्र में गांजा खरीदने-बेचने वालों की आवाजाही आम हो गई है, जिससे आसपास का सामाजिक माहौल भी प्रभावित हो रहा है।
लोगों का सवाल है कि जब यह सब कुछ पुलिस चौकी के इतने नजदीक हो रहा है, तो अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि—
- क्या जयंत चौकी पुलिस को इस अवैध गतिविधि की जानकारी नहीं थी?
- या फिर जानकारी होने के बावजूद अनदेखी की गई?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो एक नाबालिक बच्चे का भविष्य अपराध की राह पर जाने से बचाया जा सकता था।
🚨 नशामुक्ति अभियान बनाम जमीनी सच्चाई
एक ओर प्रशासन नशामुक्ति अभियान को लेकर जागरूकता रैलियों और प्रचार-प्रसार की बात करता है, वहीं दूसरी ओर इसी क्षेत्र में इस तरह के आरोप सामने आना प्रशासनिक दावों की सच्चाई पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
नागरिकों का कहना है कि जब तक अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक नशामुक्ति अभियान सिर्फ कागज़ों तक ही सीमित रह जाएगा।
🟡 जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच, नाबालिक को संरक्षण में लेने, तथा अवैध नशा कारोबार में संलिप्त लोगों पर कठोर कार्रवाई की मांग की













