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लाड़ली बहना योजना पर सीएम का ऐलान: 3000 पर मत रुको, हमारी मंज़िल 5000 हर माह की सहायता

भोपाल। विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष को जवाब देते हुए साफ कहा कि लाड़ली बहना योजना को लेकर किसी को चिंता करने की ज़रूरत नहीं है, 3000 रुपये पर चर्चा छोड़ दें, सरकार का लक्ष्य लाड़ली बहनों को आगे चलकर प्रति माह 5000 रुपये की आर्थिक सहायता देने का है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है और राजस्व के बेहतर प्रबंधन से महिलाओं को मिलने वाला लाभ लगातार बढ़ाया जाएगा।

विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा– सरकार की प्राथमिकता लाड़ली बहनों की आर्थिक मज़बूती, बेरोजगार युवाओं को भी 2047 तक लाखों रोज़गार देने का रोडमैप

भोपाल। विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष को जवाब देते हुए साफ कहा कि लाड़ली बहना योजना को लेकर किसी को चिंता करने की ज़रूरत नहीं है, 3000 रुपये पर चर्चा छोड़ दें, सरकार का लक्ष्य लाड़ली बहनों को आगे चलकर प्रति माह 5000 रुपये की आर्थिक सहायता देने का है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है और राजस्व के बेहतर प्रबंधन से महिलाओं को मिलने वाला लाभ लगातार बढ़ाया जाएगा।

सीएम ने सदन में बेरोजगारी का ज़िक्र करते हुए कहा कि सरकार ने 2047 तक के लिए विस्तृत रोजगार रोडमैप तैयार किया है, जिसके तहत युवाओं के लिए लाखों रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि 2026 तक विभिन्न विभागों में लंबित भर्ती मांग पत्रों पर कार्रवाई तेज की जाएगी और 2028 तक चरणबद्ध तरीके से सभी चयन प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।

एमएसपी के मुद्दे पर डॉ. यादव ने कहा कि 2003 तक किसानों को गेहूं का समर्थन मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल मिलता था, जो आज बढ़कर 2600 रुपये हो चुका है, साथ ही 175 रुपये बोनस भी दिया जा रहा है। ओबीसी आरक्षण पर उन्होंने कहा कि 13 प्रतिशत पदों पर कोर्ट की रोक हटाने के लिए सभी दलों को साथ आना होगा, ताकि पिछड़े वर्गों को उनका वाजिब हक मिल सके।

सीएम ने खाद की किल्लत पर कहा कि राज्य सरकार जल्द ऐसी व्यवस्था करेगी कि किसानों को उनके घर तक खाद पहुंच सके और इसके लिए ‘फर्टिलाइज़र पोर्टल’ तथा विशेष आपूर्ति तंत्र विकसित किया जा रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 55 जिलों में मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं, जबकि 2003 में केवल 5 मेडिकल कॉलेज हुआ करते थे।

नक्सल प्रभावित इलाकों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने विकास और सुरक्षा दोनों मोर्चों पर लगातार काम किया है, जिसके परिणामस्वरूप कई जिलों से नक्सल गतिविधियों पर लगभग पूरी तरह अंकुश लगा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में शेष क्षेत्रों से भी नक्सलवाद को जड़ से खत्म कर दिया जाएगा और विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।

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