
सिंगरौली। मोरवा थाना पुलिस ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए मात्र 12 घंटे के भीतर चार नाबालिग बच्चों को रीवा से सुरक्षित बरामद कर लिया।
पुलिस अधीक्षक श्री मनीष खत्री (भापुसे) के निर्देशन एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) श्री गौरव पांडेय के मार्गदर्शन में, मोरवा थाना प्रभारी निरीक्षक उमेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने यह सफलता हासिल की।
घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, बरगवां थाना क्षेत्र के भलूगढ़ निवासी दंपति वर्तमान में मोरवा वार्ड क्रमांक 3 स्थित विमल कॉलोनी में रहकर अपने बच्चों की पढ़ाई करवा रहे थे। रविवार को दंपति किसी पारिवारिक समारोह में भलूगढ़ गए हुए थे। इस दौरान घर में उनके दो बच्चे (13 और 8 वर्ष) तथा महिला की बहन के दो बच्चे (13 और 9 वर्ष) मौजूद थे।
शाम को खेलते-खेलते बच्चों ने घर का दरवाजा खोला और कुछ समय बाद बिना बताए घर से निकल गए। बच्चों ने जाने से पहले एक हस्ताक्षरित पत्र भी छोड़ा था, जिसमें उन्होंने लिखा था कि वे घूमने जा रहे हैं और दो महीने में लौट आएंगे।
📞 मोबाइल लोकेशन से मिला सुराग
महिला संरक्षिका के लौटने पर जब बच्चे घर से नदारद मिले तो परिजनों ने आसपास तलाश की, पर कोई पता नहीं चला। इसके बाद देर रात मोरवा थाने में गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
मोरवा पुलिस ने तुरंत खोज अभियान शुरू किया। सोमवार सुबह बच्चों के एक मोबाइल फोन के चालू होने पर रीवा जिले के अमिहया क्षेत्र में लोकेशन मिली।
रीवा पुलिस की मदद से हुई बरामदगी
इसके बाद मोरवा पुलिस ने रीवा पुलिस से समन्वय स्थापित कर तेजी से कार्रवाई की और कुछ ही घंटों में चारों नाबालिगों को अमिहया क्षेत्र से सुरक्षित बरामद कर लिया।
पुलिस की टीम सोमवार देर शाम बच्चों को लेकर मोरवा लौटी।
फिलहाल बच्चों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है और आगे की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया जारी है।
पुलिस टीम की सराहना
इस सफलता का श्रेय निरीक्षक उमेश प्रताप सिंह एवं उनकी टीम की सतर्कता, तत्परता और कुशल नेतृत्व को दिया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए सराहनीय कार्य बताया













