सरई तहसील के ताल–हट्टा मार्ग पर पुलिया न होने से ग्रामीण परेशान, प्रशासन की आंख बंद!
सिंगरौली। सरई तहसील के ग्राम ताल और हट्टा के बीच घने जंगल में पुलिया न होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ जाने से ग्रामीणों को न केवल पैदल चलना मुश्किल होता है, बल्कि कई बार मोटरसाइकिल को कंधे पर उठाकर नदी पार करनी पड़ती है।

सिंगरौली। सरई तहसील के ग्राम ताल और हट्टा के बीच घने जंगल में पुलिया न होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ जाने से ग्रामीणों को न केवल पैदल चलना मुश्किल होता है, बल्कि कई बार मोटरसाइकिल को कंधे पर उठाकर नदी पार करनी पड़ती है।
यह मार्ग सरई ब्लॉक को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है, जिससे रोज़ाना किसान, छात्र और मजदूर आवाजाही करते हैं। स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों को भी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस क्षेत्र में बाघ के रुकने की घटनाएँ भी समय-समय पर सामने आई हैं, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना रहता है।
ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन को आवेदन देकर पुलिया निर्माण की मांग की है, लेकिन अब तक किसी भी अधिकारी ने इस दिशा में ध्यान नहीं दिया। लोगों का कहना है कि अगर यहाँ पुलिया बन जाती है तो न केवल बच्चों की पढ़ाई और किसानों की खेती आसान होगी, बल्कि सरई स्थित शासकीय महाविद्यालय तक आने-जाने में भी राहत मिलेगी।
ग्रामीणों का सवाल है — आखिर कब खुलेगी प्रशासन













