प्रधान आरक्षक नरेंद्र यादव बर्दी में शराब पीते हुए नजर आए और जश्न मनाते हुए तबादला रुकने की खुशी में

सिंगरौली। जिले के मोरवा थाना अंतर्गत गोरबी चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक 352 नरेंद्र यादव एक बार फिर चर्चाओं में हैं। कारण है—उनका तबादला आदेश रद्द होना।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस विभाग द्वारा लंबे समय से एक ही थाने/चौकी में पदस्थ पुलिसकर्मियों के तबादले की प्रक्रिया चलाई जा रही है। इसी क्रम में प्रधान आरक्षक 352 नरेंद्र यादव का स्थानांतरण आदेश दिनांक 16.06.2025 को कूंदवार चौकी किया गया था। लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि मात्र दो दिन बाद ही दिनांक 18.06.2025 को उनका स्थानांतरण निरस्त कर उन्हें यथावत गोरबी चौकी में ही पदस्थ रहने का आदेश जारी कर दिया गया।
✦ राजनीतिक दबाव और माफियाओं से संबंध के आरोप
जनचर्चा है कि प्रधान आरक्षक नरेंद्र यादव की राजनीतिक पकड़ इतनी मजबूत है कि वे तबादले जैसे आदेश भी रुकवा लेते हैं। आरोप है कि उनका सीकेड (कोयला/क्रशर/क्लिंकर से जुड़े) माफियाओं से भी मधुर संबंध है। यही कारण है कि दर्जनों शिकायतों और सैकड़ों सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के बावजूद उन पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।
✦ जिले में गर्म हुआ माहौल
प्रधान आरक्षक का तबादला रद्द होने से पुलिस महकमे और आम जनता के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या वाकई कानून और व्यवस्था से बढ़कर राजनीतिक पकड़ और बाहरी दबाव काम कर रहा है?













