भोपाल में क्लोरीन गैस रिसाव से अफरा-तफरी — प्रशासन अलर्ट पर
राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित आदिश फार्मा फैक्ट्री में बुधवार दोपहर करीब 3 बजे क्लोरीन गैस के रिसाव से हड़कंप मच गया। गैस लीक होते ही फैक्ट्री और आसपास के क्षेत्र में तेज बदबू और धुंध जैसी स्थिति बन गई, जिससे वहां मौजूद मजदूरों और स्थानीय लोगों की आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ की शिकायतें सामने आईं।

गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में क्लोरीन गैस लीक, राहत-बचाव दल तैनात
भोपाल, 15 अगस्त 2025 —
राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित आदिश फार्मा फैक्ट्री में बुधवार दोपहर करीब 3 बजे क्लोरीन गैस के रिसाव से हड़कंप मच गया। गैस लीक होते ही फैक्ट्री और आसपास के क्षेत्र में तेज बदबू और धुंध जैसी स्थिति बन गई, जिससे वहां मौजूद मजदूरों और स्थानीय लोगों की आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ की शिकायतें सामने आईं।
सूत्रों के अनुसार, रिसाव फैक्ट्री में पानी के छिड़काव के दौरान रासायनिक प्रतिक्रिया से हुआ। देखते ही देखते गैस आसपास के वातावरण में फैल गई और इंडस्ट्रियल क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया।
SDRF, NDRF और फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई
गैस लीक की खबर मिलते ही SDRF, NDRF, फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। एहतियातन फैक्ट्री के आसपास के दफ्तरों और दुकानों को खाली कराया गया। राहत कार्य के दौरान गैस के असर को कम करने के लिए कास्टिक सोडा का छिड़काव किया गया और रिसाव वाले हिस्से को सील कर दिया गया।
प्रशासन की सख्ती और जांच आदेश
भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने मौके का निरीक्षण किया और जिला उद्योग विभाग, नगर निगम एवं स्वास्थ्य विभाग को संयुक्त जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा, “दो दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाए, और यदि लापरवाही पाई गई तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने आसपास के नागरिकों को फिलहाल घरों में रहने, दरवाजे-खिड़कियां बंद रखने और आंखों में जलन या सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में संपर्क करने की अपील की है।
घटना से जुड़ी मुख्य बातें:
- स्थान: गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया, भोपाल
- समय: बुधवार दोपहर करीब 3 बजे
- कारण: पानी के संपर्क में आने से रासायनिक प्रतिक्रिया
- प्रभाव: आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ
- कार्रवाई: SDRF, NDRF, फायर ब्रिगेड की टीम तैनात, रिसाव नियंत्रित
- जांच: 2 दिन में रिपोर्ट, दोषियों पर कार्रवाई तय
इस घटना ने लोगों को 1984 की भोपाल गैस त्रासदी की याद दिला दी, हालांकि प्रशासन ने दावा किया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं है।













