बिहार में मतदाता सूची का ‘पाप का पेंच’ — जीवित गायब, मृतक कायम!
बिहार के अररिया जिले के सीमांचल क्षेत्र में मतदाता सूची को लेकर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ज़मीनी हकीकत की पड़ताल में पता चला कि कई जीवित लोगों के नाम मतदाता सूची से रहस्यमय तरीके से हटा दिए गए हैं, जबकि जिन लोगों का देहांत हो चुका है, उनके नाम अब भी उसी सूची में मौजूद हैं।

सीमांचल के अररिया जिले में बड़ा खुलासा
बिहार के अररिया जिले के सीमांचल क्षेत्र में मतदाता सूची को लेकर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ज़मीनी हकीकत की पड़ताल में पता चला कि कई जीवित लोगों के नाम मतदाता सूची से रहस्यमय तरीके से हटा दिए गए हैं, जबकि जिन लोगों का देहांत हो चुका है, उनके नाम अब भी उसी सूची में मौजूद हैं।
लोगों में नाराज़गी और सवाल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह गड़बड़ी सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित लापरवाही हो सकती है। चुनाव से पहले ऐसी गलतियों से कई असली मतदाता वोट डालने के अधिकार से वंचित हो सकते हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित होगी।
प्रशासन की सफाई
जिला प्रशासन का कहना है कि मतदाता सूची का लगातार अपडेट और सत्यापन जारी है। मृतकों के नाम हटाने और जीवित लोगों के नाम पुनः जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
राजनीतिक रंग भी चढ़ा
विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को विधानसभा और मीडिया में जोर-शोर से उठाया है। उनका आरोप है कि यह गड़बड़ी चुनाव को प्रभावित करने की साजिश का हिस्सा हो सकती है। वहीं, सत्तापक्ष ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
सवाल वही है:
जब तकनीक इतनी तेज़ हो चुकी है, तो फिर मतदाता सूची में इतनी बड़ी चूक कैसे? और क्या चुनाव आयोग इस पर समय रहते कड़ा कदम उठाएगा?













