गुजरात बना समुद्री मछली उत्पादन में देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य, 2024-25 में 10.37 लाख टन उत्पादन का अनुमान

गांधीनगर। गुजरात ने एक बार फिर अपनी समुद्री संपदा की ताकत को साबित करते हुए देश में समुद्री मछली उत्पादन के मामले में दूसरा स्थान हासिल किया है। वर्ष 2024-25 के लिए अनुमानित उत्पादन 10.37 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है, जो राज्य की मछली पालन नीति और तटीय विकास योजनाओं की बड़ी सफलता को दर्शाता है।
केंद्रीय मत्स्य पालन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, गुजरात की समुद्री सीमा और आधुनिक मत्स्य तकनीकों के इस्तेमाल से यह उपलब्धि संभव हुई है। राज्य के प्रमुख तटीय जिलों—जैसे कि वलसाड, नवसारी, भावनगर, जूनागढ़ और कच्छ—में मछली उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
🔹 मछली उत्पादन में अहम योगदान देने वाले कारण:
- आधुनिक मछली पकड़ने के उपकरणों का उपयोग
- मत्स्य पालकों को सब्सिडी और प्रशिक्षण
- कोल्ड स्टोरेज व प्रोसेसिंग यूनिट्स की स्थापना
- समुद्री जैव विविधता का संरक्षण
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि अगले पांच वर्षों में मछली निर्यात में 20% की वृद्धि दर्ज की जाए। इसके साथ ही मछुआरों की आमदनी बढ़ाने और युवाओं को मत्स्य उद्योग से जोड़ने पर भी ज़ोर दिया जा रहा है।
गुजरात के मत्स्य पालन विभाग ने भी इस सफलता पर खुशी जाहिर की है और भविष्य में और अधिक सतत और पर्यावरण अनुकूल तरीकों से उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम करने की बात कही है।
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