मोहन सरकार में एक और घोटाला!शहडोल के सरकारी स्कूल में ‘4 लीटर पेंट’ पर खर्चा 1.06 लाख रुपये!

शहडोल जिले के एक हाई स्कूल में भ्रष्टाचार का नया रंग चढ़ा है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, स्कूल की दीवारों की रंगाई के लिए सिर्फ 4 लीटर पेंट इस्तेमाल हुआ, लेकिन बिल में दर्ज है – 168 मजदूर, 65 मिस्त्री, और कुल खर्च ₹1,06,000!
शिक्षा नहीं, घोटाले चमक रहे हैं:
▪️ 4 लीटर पेंट से पूरे स्कूल की पुताई – क्या ये विज्ञान का चमत्कार है या भ्रष्टाचार की कलाकारी?
▪️ जिला शिक्षा अधिकारी ने बिना जांच-पड़ताल के यह बिल पास कर दिया। सवाल उठता है – दीवारें रंगीं या जेबें?
▪️ एक स्कूल की दीवार पर पेंट के नाम पर पूरे सिस्टम की पोल खुल गई है।
इस घोटाले ने प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था की सच्चाई उजागर कर दी है। जहां एक ओर शिक्षक और छात्र संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर दीवारों पर भ्रष्टाचार की मोटी परत चढ़ाई जा रही है।
शर्म से नहीं, भ्रष्टाचार से रंगीं दीवारें!
मोहन सरकार के राज में घोटालों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है। अब सवाल है – क्या इस मामले में कोई कार्रवाई होगी या फिर एक और घोटाला “फाइलों” में दफन हो जाएगा?
📌 जनता पूछ रही है – पेंट का रंग तो उतर जाएगा, लेकिन सिस्टम पर चढ़ा भ्रष्टाचार कब उतरेगा?













