वार्ड पंच की गुहार: पिड़रिया पंचायत में भ्रष्टाचार पर आवाज उठाने पर धमकियां, सीएम हेल्पलाइन शिकायत को बिना जांच बताया गया क्लोज!

सिंगरौली, मध्यप्रदेश। ग्राम पंचायत पिड़रिया के वार्ड क्रमांक 12 के पंच लाला सिंह ने एक बार फिर पंचायत में जारी भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने 29 मई 2025 को सीएम हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन हैरानी की बात यह है कि शिकायत की जांच सहायक यंत्री और क्षेत्रीय उप यंत्री द्वारा बिना किसी वास्तविक निरीक्षण के केवल शिकायतकर्ता पर ही आरोप लगाकर शिकायत को क्लोज करने का प्रस्तावित अपडेट कर दिया गया।
लाला सिंह का कहना है कि जब उन्होंने इस बारे में ग्राम पंचायत पिड़रिया के सहायक सचिव से संपर्क किया, तो उन्होंने स्वयं को इस निर्णय से अनभिज्ञ बताया। सहायक सचिव ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि इंजीनियर साहब ने किस आधार पर शिकायत को क्लोज करने की सिफारिश की।
लाला सिंह ने सवाल उठाया – “क्या भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना अब अपराध हो गया है?” उन्होंने बताया कि यह पहला मौका नहीं है जब उन्होंने पंचायत में हो रहे घोटालों के खिलाफ आवाज उठाई है। इससे पहले भी वे कई बार अनियमितताओं को उजागर कर चुके हैं।
सबसे गंभीर आरोप पंचायत की सरपंच ददनी देवी के पति त्रिभुवन सिंह पर लगाए गए हैं। लाला सिंह के अनुसार, त्रिभुवन सिंह द्वारा उन्हें कई बार धमकियां दी गई हैं और खुलेआम कहा गया है कि “यहां काम बुलडोजर से होगा… कच्ची गिट्टी और भस्सी ही चलेगी… जिसे जो करना है कर ले।” त्रिभुवन सिंह का दावा है कि वे जनपद सीईओ से लेकर एसडीएम तक किसी से नहीं डरते और पंचायत में उनकी ही चलती है।
लाला सिंह ने आरोप लगाया कि पंचायत में गुणवत्ता विहीन निर्माण, फर्जी मस्टररोल, और धांधली हो रही है, जिसमें सचिव और जीआरएस भी शामिल हैं। उन्होंने जिला कलेक्टर सिंगरौली से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सरपंच, उसके पति और पंचायत कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
पंचायत में जनता के पैसे का दुरुपयोग और शिकायतों की अनदेखी शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है। अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कोई सख्त कदम उठाता है या यह मामला भी दबा दिया जाएगा।













