उत्तर प्रदेश में लू का कहर जारी, 11 जून तक राहत नहीं – IMD ने लगातार अलर्ट जारी किया

लखनऊ/नोएडा/वाराणसी, 8 जून 2025
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में आगामी दिनों में भयावह गर्मी की चेतावनी जारी की है। तेज प्रचंड गर्मी से राहत मिलना अभी दूर है और स्वास्थ्य के लिहाज़ से सतर्क रहने की आवश्यकता बनी हुई है।
🌡️ मौसम विभाग का अलर्ट
IMD ने 9 से 11 जून तक उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों — विशेषकर दक्षिण-पश्चिम व पूर्वी इलाकों — में हीटवेव (गर्मी की लहर) की संभावना जताई है ।
दिल्ली-एनसीआर में भी 9 से 11 जून तक अत्यधिक लू, जहां तापमान 41–43 °C तक पहुंच सकता है ।
📊 आंकड़े और संभावित प्रभाव
पश्चिमी राजस्थान के साथ ही उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पश्चिम और पूर्वी हिस्सों में 9–11 जून तक हीटवेव की उच्च संभावना बनी हुई है । IMD के अनुसार, तापमान सामान्य से 2–5°C अधिक रहने की आशंका है, जिससे गर्मी से जुड़ी बीमारियाँ बढ़ने की पूरी संभावना है
⚠️ IMD की सलाहें
- दोपहर 12 से 3 बजे विशेषतः बाहर न निकलें।
- खूब जल का सेवन करें, घर में उज्जवल रंग के ढके व कूल कपड़ों का चयन करें।
- बुज़ुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें, और ORS स्टॉक रखें ।
🏥 राज्य की तैयारी
उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन टीमों को हीट एक्शन प्लान मानकों पर कार्यवाही तेज करने का निर्देश दिया गया है।प्रयागराज में, नगर निगम की पहल के तहत स्लम इलाकों में छतों को चूना और सफेद रंग से कवर किया जा रहा है, जिससे इन इलाकों में तापमान में 3–4°C तक की गिरावट आएगी ।
विशेषज्ञों का विश्लेषण
– IMD निदेशक का अनुमान है कि गर्मी की यह लहर बरसात आने से पहले अंतिम है, और सामान्य monsoon की प्रतीक्षा बनी रहेगी।
– क्लाइमेटस्टेट सेंटर की हाल की रिपोर्ट के अनुसार, खंडित मानसून से यह गर्मी और तीव्र हुई है, और UP में तापमान वृद्धि की संभावना सामान्य से दोगुनी रही है ।
✅ सुरक्षित रहने के लिए सुझाव:
1. बीच-बीच में ठंडे पेय जैसे ORS और लस्सी। 2. चमड़े की भारी टोपी, धूप का चश्मा, व छाता रखें। 3. बाहरी काम दोपहर के बाद बजाय सुबह-शाम करें।4. पुराने लोग, शिशु, गर्भवती महिलाएं — इनका खास ध्यान रखें। 5. घर में फैंस, AC, ठंडे पानी की व्यवस्था रखें।
📰 कवर स्टोरी सारांश:
उत्तर प्रदेश में उबरती गर्मी ने स्वास्थ्य अधिकारियों और नागरिकों को सतर्क किया है। IMD के लगातार जारी अलर्ट और सरकारी तैयारियाँ — विशेष गतिविधियों, छतों की सफेदी, एयर कूल इंतज़ाम — से कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन लू से सबसे अहम है व्यक्तिगत सावधानी और बचाव।













